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भारत-अमेरिका के बीच हुआ 3 अरब डॉलर का रक्षा सौदा, जानिए प्रेस वार्ता में क्या हुआ

भारत-अमेरिका के बीच हुआ 3 अरब डॉलर का रक्षा सौदा, जानिए प्रेस वार्ता में क्या हुआ

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच आज मंगलवार को हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय वार्ता हुई। दोनों नेताओं ने इस दौरान तीन अरब डॉलर की रक्षा सौदे पर हस्ताक्षार किए। राष्ट्रपति ट्रंप ने इस दौरान भारत और प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपने मजबूत रिश्तों का जिक्र किया।

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि वह भारत के इस दौरे को कभी नहीं भूलेंगे। साथ ही उन्होंने अपने शानदार वेलकम के लिए सभी भारतीयों को धन्यवाद दिया। दोनों देशों के बीच हुए समझौते में अमेरिका के 23 एमएच 60 रोमिया हेलीकॉप्टर और छह एएच 64ई अपाचे हेलीकॉप्टर सौदा शामिल है। ये दोनों हेलीकॉप्टर हर तरह के मौसम में किसी भी समय हमला कर पाने में सक्षम होगा। चौथी पीढ़ी वाले ये हेलीकॉप्टर छिपी हुई पनडुब्बियों पर भी आक्रमण कर सकता है। संयुक्त बयान में ट्रंप ने कहा कि इस सौदे से दोनों देशों के बीच रक्षा संबंध मजबूत होंगे।

वहीं प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “वाणिज्य मंत्रियों ने व्यापार पर सकारात्मक बात हुई है हमारी टीमों को इस व्यापार वार्ता को अंतिम रूप देना चाहिए। हम एक बड़े व्यापार सौदे पर बातचीत करने को लेकर भी सहमत हुए हैं। वैश्विक स्तर पर हमारे संबंध समान लोकतांत्रिक मूल्यों पर निर्भर हैं।”

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने आतंकवाद के मुद्दे पर कहा, “प्रधानमंत्री मोदी और मैं अपने नागरिकों को कट्टर इस्लामी आतंकवाद से बचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। अमेरिका पाकिस्तान की धरती से चल रहे आतंकवाद को रोकने के लिए कदम उठा रहा है। दोनों देश आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ने पर सहमत हैं।” वहीं भारत के प्रधनमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “आतंक के समर्थकों को जिम्मेदार ठहराने के लिए आज हमने अपने प्रयासों को और बढ़ाने का निश्चय किया है। आज हमारे बीच ड्रग तस्करी, नार्को-आतंकवाद और संगठितत अपराध जैसी गंभीर समस्याओं के बारे में एक नए मेकैनिज्म पर भी सहमति हुई है।”

प्रधानमंत्री मोदी ने संयुक्त संवाददाता संबोधन में कहा, “राष्ट्रपति ट्रंप ने मादक पदार्थ और इससे जुड़ी समस्याओं से निपटने को प्राथमिकता दी है। आज हमारे बीच मादक पदार्थों की तस्करी, मादक पदार्थ से जुड़े आतंकवाद और संगठित अपराध जैसी गम्भीर समस्याओं के बारे में एक नए तंत्र पर भी सहमति बनी।” वहीं राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, “हमने मादक पदार्थ रोधी केंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया। हम सतत् परियोजनाओं के लिए ‘ब्लू डॉट नेटवर्क’ पर काम कर रहे हैं।”

ट्रम्प ने बताया कि उभरते 5G वायरलेस नेटवर्क के महत्व और तकनीक की आवशकता स्वतंत्रा, प्रगति, समृद्धि पर चर्चा हुई। इसका इस्तेमाल अभिव्यक्ति की आजादी को दबाने के लिए नहीं होना चाहिए।

ट्रम्प ने निर्यात के बारे में कहा, “जबसे मैंने राष्ट्रपति का कार्यभार संभाला है तब से भारत में अमेरिकी निर्यात लगभग 60 प्रतिशत है और उच्च गुणवत्ता वाली अमेरिकी ऊर्जा का निर्यात 500 प्रतिशत बढ़ा है।” उन्होंने ये भी कहा कि मैं आशावादी हूँ।

हिंद-प्रशांत क्षेत्र के बारे में ट्रम्प ने कहा, “अमेरिका भारत के साथ संतुलित ट्रेड चाहता है। हम हिंद-प्रशांत क्षेत्र को सुरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। नशीली दवा के कारोबार को रोकने के लिए हमने समझौता किया है।”

वहीं प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “वैश्विक स्तर पर भारत और अमेरिका का सहयोग हमारे समान लोकतांत्रिक मूल्यों और उद्देश्यों पर आधारित हैं। खासकर हिन्द-प्रशांत क्षेत्र में नियम आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के लिए यह सहयोग विशेष महत्व रखता है।” प्रधानमंत्री मोदी ने ये भी कहा कि तेल और गैस के लिए अमेरिका भारत का एक बहुत महत्वपूर्ण स्रोत बन गया है। उन्होंने कहा भारत अमेरिका गठजोड़ उद्योग 4.0 और 21वीं शताब्दी की अन्य उभरती प्रौद्योगिकी पर भी नवोन्मेष और उद्यमिता के नए मुक़ाम स्थापित कर रहा है।

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