हरियाणा और महाराष्ट्र विधानसभा के चुनाव साल के अंत में होने हैं। इन दोनों राज्यों में चुनाव पूर्व मतदान सूची का मिलान जिस कार्यक्रम के तहत चल रहा है, झारखंड में भी वही शेड्यूल को फॉलो किया जा रहा है। ऐसे में राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि झारखंड विधानसभा के चुनाव निर्धारित समय से पहले कराए जा सकते हैं। इस बात को बल मिला निर्वाचन आयोग की उच्चस्तरीय टीम के बीते 10 और 11 जुलाई को प्रदेश के दौरा से। उप निर्वाचन आयक्ुत धर्मेंद्र शर्मा और नितेश व्यास ने राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार और सभी 24 जिलों के निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ बैठक कर वोटर लिस्ट और मतदान केंद्रों की तैयारियों का जायजा लिया। इस बैठक में आयोग की टीम ने डोर-टू-डोर मतदाता का सत्यापन, डिजिटाइजेशन, पुराने लेमिनेटेड वोटर्स आईडी के नवीनीकरण, मतदान केंद्रों पर आवश्यक न्यूनतम सुविधाओं, जन शिकायतों के निपटारे एवं लोकसभा निर्वाचन में मतदान प्रतिशत जैसे विषयों पर एक-एक कर जानकारी ली और जरूरी दिशा-निर्देश दिए। धर्मेंद्र शर्मा और नितेश व्यास ने कहा कि वोटर रजिस्ट्रेशन से जुडे लम्बित आवेदनों को मिशन मोड में निपटारा किया जाए। उन्होंने सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि त्रुटिरहित एवं अपडेटेड वोटर्स लिस्ट तय कार्यक्रम के अनुसार प्रकाशित किए जाएं। युवाओं, दिव्यांगजनों, महिलाओं, पीवीटीजी वर्ग के लोगों को मतदाता सूची में जोड़ने के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाने का भी निर्देश दिया गया। यूनिवर्सिटी और कॉलेजों के शत-प्रतिशत छात्रों का मतदाता सूची में रजिस्ट्रेशन हो, इस दिशा में पहल की जाए। सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को राजनीतिक दलों के साथ नियमित अंतराल पर बैठकें करने और सामने आने वाले मुद्दों का निपटारा करने का भी निर्देश दिया। सीनियर डीईसी नितेश व्यास ने कहा कि राज्य के शहरी क्षेत्रों के वैसी हाउसिंग सोसाइटी, जहां 500 से अधिक मतदाता हैं, वहां सोसाइटी के अंदर ही नया मतदान केंद्र बनाएं।
समय से पहले होंगे झारखंड चुनाव

