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शोषण में फंसती नाबालिग रोहिंग्या शरणार्थी

रोहिंग्याओं के साथ अत्याचार कोई नई बात नहीं है। जिस भी मुल्क में यह शरणार्थी होते हैं वहां इन्हें अत्याचार का सामना करना पड़ता है। यह सभी रोहिंग्या मुसलमान होने का दावा करते हुए खुद को म्यांमार के मुस्लिमों का वंशज बताते हैं। इसके विपरीत म्यांमार इन्हें बांग्लादेशी घुसपैठिया बताता है। रोहिंग्या शरणार्थी मूल रूप से म्यांमार से हैं जो अपने पड़ोसी देशों में शरण लेते हैं। रोहिंग्या मुसलमानों की हालत बद से बदतर होती जा रही है। हालात इतने खराब हो गए हैं कि कम उम्र की रोहिंग्या शरणार्थी मलेशिया बेची जा रही हैं।

 

रोहिंग्या शरणार्थी म्यांमार और बांग्लादेश के शरणार्थी शिविरों में भूख गरीबी जैसी कई परेशानियों से जूझ रहे हैं। इन हालातों से निकलने की कोशिश में लगी नाबालिग रोहिंग्या शरणार्थी शोषण , मानव तस्करी जैसे दल -दल में फंसती जा रही हैं। जहां से निकल पाना उन्हें मुश्किल लगता है। विवाह के नाम पर उनका शारीरिक और मानसिक शोषण किया जा रहा है। खबरों के अनुसार म्यांमार में और बांग्लादेश के शरणार्थी शिविरों में खराब होते हालात के चलते दर्जनों नाबालिग रोहिंग्या लड़कियों को ऐसे रोहिंग्या मर्दों के साथ शादी में धकेला जा रहा है जो अक्सर उनका शोषण करते हैं। अमेरिका की न्यूज एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस ने ऐसी ही 12 नाबालिग दुल्हनों से बात की। जिसमें सबसे कम उम्र की दुल्हन महज 13 साल की थी। पिछले साल यानी 2022 में ये सभी लड़कियां शादी के नाम पर मलेशिया पहुंची।

 

रोहिंग्या मुसलमानों के साथ अत्याचार और शोषण होता आया है। न तो इन्हे शैक्षिक अधिकार प्राप्त हैं न रोजगार इन्हे किसी भी देश की नागरिकता नहीं मिली है। ऐसे में इनकी मजबूरियां शोषण में बदलती जा रही हैं। डी डब्लू की एक रिपोर्ट अनुसार 14 साल की एक रोहिंगिया लड़की के साथ उसका 35 साल का पति हर रात बलात्कार करता है। उसका बैडरूम उसके लिए जेल बन गया है। इस लड़की ने पिछले साल अपने परिवार को बचाने के लिए मलेशिया जाने का फैसला लिया था। म्यांमार में वो और उसका परिवार गरीबी और भूख की चपेट में थे और म्यांमार की सेना के डर में जी रहे थे।

 

रोहिंग्या

 

इसी बीच एक पड़ोसी ने मलेशिया में एक आदमी के बारे में बताया जो लड़की को वहां से निकाल कर मलेशिया पहुंचाने के लिए करीब 3,800 डॉलर देने को तैयार था। लड़की से शादी करने के बाद वो उसके माता-पिता और तीन भाई-बहनों के लिए भी खाने पीने का इंतजाम करने के लिए पैसे भेजने को तैयार था। जिसके बाद बच्चों से भरी तस्कर की गाड़ी में माता पिता से विदा लेकर लड़की चली गई। डी डब्लू की एक रिपोर्ट अनुसार लड़की ने दबी आवाज में कहा “मैं घर वापस जाना चाहती हूं, लेकिन जा नहीं सकती, मैं फंस गई हूं.” म्यांमार में और पड़ोसी देश बांग्लादेश के शरणार्थी शिविरों में खराब होते हालात दर्जनों नाबालिग रोहिंग्या लड़कियों को ऐसे रोहिंग्या मर्दों के साथ शादी में धकेल रहे हैं जो अक्सर उनका शोषण करते हैं।

 

न्यूज एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार सभी लड़कियों का कहना है कि उनके पतियों ने उनको बंधक बना कर रखा है। उन्हें बहुत कम ही बाहर जाने दिया जाता हैं। कई लड़कियों ने कहा कि मलेशिया आने के रास्ते में तस्करों और दूसरे मर्दों ने उन्हें मारा और उनका बलात्कार किया। आधी लड़कियां या तो गर्भवती हैं या मां बन भी चुकी हैं, बावजूद इसके कि उनमें से अधिकांश ने कहा था कि वो माँ बनने के लिए तैयार नहीं हैं। म्यांमार में ही नहीं बल्कि बांग्लादेश में भी रोहिंगिया मुसलमानों के साथ यही हालात है। बांग्लादेश में “सेव द चिल्ड्रन ” संस्था का कहना है कि बाल विवाह कॉक्स बाजार शिविर में रह रहे लोगों के बड़ी चिंताओं में से एक है। नाबालिग लड़कियों की शादी अलग -अलग जगहों से की जा रही हैं।

 

मलेशिया में शादी के नाम पर लाइ जाने वाली अधिकांश नाबालिग रोहिंग्या लड़कियों के पास कोई आधिकारिक दस्तावेज नहीं हैं। मलेशिया ने संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी संधि पर हस्ताक्षर भी नहीं किए हैं, इसलिए इन्हें अवैध आप्रवासी माना जाता है। ऐसे में उनके शोषण के बारे में अधिकारियों को शिकायत करने में खतरा है कि कहीं उन्हें मलेशिया के कई हिरासत केंद्रों में से एक में ना बंद कर दिया जाए।

 

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