देश की सबसे बड़ी महानगर पालिका बीएमसी चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक दलों ने तैयारी शुरू कर दी है। इसी के तहत बीजेपी नेता आशीष शेलार ने एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद महाराष्ट्र की राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि विधानसभा चुनाव के बाद होने वाले इस चुनाव में महायुति का नया स्वरूप देखने को मिल सकता है। यहां तक कहा सुना जा रहा है कि महायुति गठबंधन में राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) शामिल हो सकती है। गौरतलब है कि महायुति में बीजेपी के साथ एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजित पवार की एनसीपी शामिल है। मुंबई में पिछले 25 सालों से बीएमसी में उद्धव ठाकरे की पार्टी का कब्जा है। ऐसे में उद्धव ठाकरे को हराने के लिए उसे एक ठाकरे ब्रांड की जरूरत है, इसलिए उद्धव ठाकरे के चचेरे भाई राज ठाकरे को बीजेपी गठबंधन में लाने की कोशिश में जुटी है। राजनीतिक पंडितों का कहना है कि राज ठाकरे ने लोकसभा चुनाव में बीजेपी को समर्थन दिया था। हालांकि विधानसभा चुनाव ठाकरे अकेले लड़े और उनकी पार्टी खाता खोलने में भी नाकामयाब रही। इस झटके के बाद अब राज ठाकरे गठबंधन का रास्ता ढूंढ रहे हैं। राज ठाकरे मराठी माणूस के मुद्दे से लेकर हिंदुत्व तक का एजेंडा चलाते आए हैं। कुछ हद तक उनका यह अंदाज भाजपा से मेल खाता है। ऐसे में उनके महायुति में शामिल होने की सम्भावना अधिक हो जाती है। मुम्बई में 228 वार्ड हैं। 2017 के चुनाव में शिवसेना 96, बीजेपी 82, कांग्रेस 29, एनसीपी 8, सपा 6, एआईएमआईएम 2 और मनसे एक सीट पर जीत दर्ज की थी। लेकिन इस बार महाराष्ट्र की राजनीति पूरी तरह बदल चुकी है। शिवसेना और एनसीपी में टूट हो चुकी है।
महायुति का हिस्सा बनेगी एमएनएस

