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दो से अधिक बच्चे होने पर सरकारी नौकरी नहीं

राजस्थान में अब दो से अधिक बच्चे वाले लोग सरकारी नौकरी के लिए आवेदन नहीं कर सकते हैं। उच्चतम न्यायालय ने परिवार नियोजन को बढ़ावा देते हुए राज्य सरकार के 1989 के कानून को मंजूरी दी है। उच्तम न्यायालय ने पूर्व सैनिक रामजी लाल जाट के द्वारा उच्च न्यायालय के खिलाफ दायर की गई याचिका को ख़ारिज कर दिया है।

 

न्यायधीस सूर्यकांत, दीपांकर दत्ता ,केवी विश्वनाथन के पीठ ने अपने आदेश में 12 अक्टूबर 2022 के राजस्थान हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा और कहा कि राजस्थान सरकार का नियम नीति के दायरे में आता है और इसमें हस्तक्षेप की कोई जरूरत नहीं है। इस आदेश के बाद से ही राजस्थान सरकार के दो बच्चे वाले नियम पर उच्चतम न्यायालय की मोहर लग गई है। दरअसल राजस्थान सरकार का सरकारी नौकरी देने को लेकर नियम है कि सरकारी नौकरी दो से अधिक बच्चों वाले लोगों को नहीं मिल सकती। उच्चतम न्यायालय ने सरकार के इस नियम को सही ठहराते हुए कहा है कि दो से ज्यादा बच्चे होने पर सरकारी नौकरी देने से इनकार करना गैर-भेदभावपूर्ण है। इस प्रावधान के पीछे का उद्देश्य परिवार नियोजन को बढ़ावा देना है।

 

कौन है याचिकाकर्ता

 

31 जनवरी साल 2017 में सेवानिवृत्त हुए पूर्व सैनिक रामजी लाल जाट ने 25 मई 2018 में राजस्थान पुलिस में कांस्टेबल के रूप में आवेदन किया था ।उनके आवेदन को राजस्थान पुलिस अधीनस्थ सेवा नियम 1989 के नियम 24(4) का हवाला देते हुए खारिज कर दिया गया। नियम 1 जून 2002 के बाद पैदा हुए दो से अधिक बच्चे वाले लोगों को नौकरी देने से रोकता है। जाट ने इसी नियम के खिलाफ तर्क देते हुए पहले राजस्थान हाईकोर्ट और फिर उच्तम न्यायालय में याचिका लगाई थी।गौरतलब है कि उच्तम न्यायालय की पीठ ने इसी दौरान कहा कि ऐसा प्रावधान पंचायत चुनाव लड़ने की योग्यता के तौर पर भी पेश किया गया था। जिसे उच्तम न्यायालय द्वारा 2003 से बरकरार रखा था।

 

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