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शाहजहां शेख; कैसे बना ईट भट्टे में काम करने वाला व्यक्ति टीएमसी का नेता

पश्चिम बंगाल में कुछ समय से संदेशखाली इलाका काफी चर्चाओं में बना हुआ है। टीएमसी नेता ‘शाहजहां शेख’ के खिलाफ संदेशखाली की महिलाओं के द्वारा बलात्कार और यौनशोषण के आरोप लगाए गए हैं। यह महिलाएं एक महीने से लगातार प्रदर्शन कर रही हैं। एक लम्बे समय के प्रदर्शन के बाद 28 फरवरी को शाहजहां को पकड़ लिया गया है। आज यानी 29 फरवरी को उनकी कोर्ट में भी पेश किया गया है। सूत्रों के मुताबिक, शाहजहां शेख संदेशखाली मामले के मुख्य आरोपी बताए जा रहे हैं। जिसकी लम्बी तलाश के बाद उन्हें पकड़ लिया गया है। शाहजहां पश्चिम बंगाल की सबसे प्रभावशाली राजनीतिक पार्टी टीएमसी (तृणमूल कांग्रेस पार्टी) के ताकतवर नेताओं मेसे एक माने जाते हैं, लेकिन उनका राजनीतिक सफर इस समय काफी सुर्ख़ियों में चल रहा है। शाहजहां शेख को पश्चिम बंगाल में लोग ‘भाई’ कहकर बुलाते हैं। सुनने में यह एक साउथ मूवी के जैसा लगता है, इतना ही नहीं इनका राजनीतिक सफर भी कुछ मूवी जैसा ही है। क्योंकि शाहजहां कंडक्टर का काम किया तो कभी सब्जी बेचीं और कभी ईट के भट्टे में काम किया, लेकिन अब देखा जाए तो शाहजहां के पास तमाम तरह की अजाइशें मौजूद हैं। शाहजहां नॉर्थ 24 के परगना जिले में कई मछली फार्म पर उसका कब्जा है तो कई ईंट भट्टों और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का भी मालिक उसे बताया जाता है।

शाहजहां का आतंक

शाहजहां शेख पर लगे आरोप 90 के दशक की फिल्मों में दिखाए जाने वाले गुंडों के आतंक की याद दिलाते हैं। इसी के साथ इनके पास जमा ककिया साम्राज्य और संपत्ति भी फिल्मों की याद दिलाता है। शाहजहां अभी 42 साल के हैं। टीएमसी में आने से पहले वह सीपीएम में ककाम किया करते थे। मजदूर होने के बाद भी इलाके में अपना वर्चस्व ज़माने के लिए उन्होंने अपने चाचा की मदद ली। जिनके जरिये वह राजनीती में अपना सिक्का चला सके। शाहजहां शेख के चाचा मोस्लेम शेख संदेशखाली में सीपीएम के ताकतवर नेता थे। वह पंचायत के प्रमुख भी रह चुके थे। उन्ही के जरिये शाहजहां की एंट्री हुई। चाचा की देखरेख में शाहजहां ने पहले मछली का कारोबार को संभाला इसके बाद शाहजहां की लोगों में पहचान बढ़ने लगी और उसे शानोशौकत भी हासिल होने लगी। इसके बाद शाहजहां ने अपनी पकड़ इलाके में मजबूर करली और वहां पर राज करने लगा। यही से शुरुआत हुई शाहजहां कके सुलतान बनने की कहानी।

जुल्मी बना सुल्तान

अपनी पक्कड़ मजबूत करते करते टीएमसी में अपना प्रभत्व जमाया और नेता बन गए। जिसके बाद वर्ष 2011 से 2024 तक संदेशखाली की महिलाएं शाहजहां शेख के आतंक को सहती रहीं और कुछ बोल नहीं पाईं। शाहजहां शेख सुर्खियों में तब आया जब राशन घोटाले के मामले में 5 जनवरी को उससे पूछताछ के लिए पहुंची ईडी की टीम पर हमला कर दिया। उसी दिन से वह फरार हो गया और अब जाकर उसे पकड़ा जा चुका है। ईडी ककी राइड के बाद संदेशखाली की महिलाओं में हिम्मत आई और उन्होंने शाहजहां शेख के काले कारनामों की एक-एक परत खोलकर रख दी और अब उसके काले साम्राज्य की परतें भी खुलने लगी हैं।

शाहजहां शेख की संपत्ति की बात करे तो यह करोड़ों के मालिक हैं। पंचायत चुनाव में दिए गए हलफनामे के मुताबिक, शाहजहां शेख के पास 17 कारें हैं। 43 बीघा जमीन है। बैंक बैलेंस करीब 2 करोड़ रुपये का है और 2 करोड़ रुपये के ही गहने भी हैं। शाहजहां शेख अपना पेशा बिजनेस बताता है। हालांकि, लोगों का दावा है उसकी संपत्ति इससे काफी ज्यादा है। शाहजहां के ऊपर कई क्रिमिनल केस भी दर्ज किये जा चुके हैं।

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