world

परमाणु कार्यक्रम पर जनमत संग्रह करा सकता है ईरान: रूहानी 

विश्व शक्तियों से समझौता असफल होने और अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव के बीच ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने कहा कि उनका देश परमाणु कार्यक्रम पर एक जनमत संग्रह करा सकता है। सरकारी समाचार एजेंसी इरना के मुताबिक, राष्ट्रपति रूहानी ने शनिवार की शाम ईरान के प्रमुख मीडिया प्रतिष्ठानों के संपादकों के साथ बैठक में यह सुझाव दिया।
पिछले हफ्ते देश के सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातुल्ला अली खुमैनी ने रूहानी की सार्वजनिक रूप से आलोचना की थी। रूहानी ने कहा कि उन्होंने सर्वोच्च नेता खामनेई को 2004 में उस वक्त जनमत संग्रह की सलाह दी थी, जब वह ईरान के परमाणु कार्यक्रम के वरिष्ठ वार्ताकार थे। रूहानी के हवाले से बताया गया कि उस वक्त सर्वोच्च नेता ने जनमत के विचार को मंजूरी दी थी, लेकिन ऐसा हो नहीं पाया था। इस तरह का मतदान किसी भी समय एक समाधान हो सकता है। पिछले साल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बराक ओबामा के कार्यकाल में ईरान के साथ हुए परमाणु समझौते से अमेरिका को अलग कर लिया था।
इसके बाद अमेरिका ने ईरान पर कई आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए हैं। पिछले एक डेढ़ महीने से दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। इतना ही नहीं, अमेरिका ने फारस की खाड़ी में अपने युद्धक पोत और बम वर्षक विमान तैनात कर दिए हैं। हाल में ही इराक स्थित अमेरिकी दूतावास पर राकेट दागे गए थे, जिसको लेकर भी अमेरिका और ईरान के बीच तनातनी बढ़ गई थी।
ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता को तैयार रू इराक इराक का कहना है कि वह अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव कम करने के लिए मध्यस्थता को तैयार है। इराकी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद हलबुसी ने शनिवार को कहा कि अगर बगदाद से कहा गया, तो वह अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता करने को तैयार है। हलबुसी का यह बयान ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद जारिफ की दो दिवसीय इराक यात्रा के दौरान आया है। इस बीच, ईरानी वित्त मंत्री जारिफ ने इराक के प्रधानमंत्री अदेल अब्देल मेहंदी से मुलाकात की। जारिफ का इराक दौरा ऐसे समय हो रहा है जब ईरान और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर है। जारिफ से मुलाकात के दौरान इराकी प्रधानमंत्री मेहंदी ने कहा कि युद्ध किसी समस्य का हल नहीं है। उन्होंने युद्ध के खतरों को लेकर ईरान को आगाह किया है।
विश्व शक्तियों से समझौता असफल होने और अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव के बीच ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने कहा कि उनका देश परमाणु कार्यक्रम पर एक जनमत संग्रह करा सकता है। सरकारी समाचार एजेंसी इरना के मुताबिक, राष्ट्रपति रूहानी ने  ईरान के प्रमुख मीडिया प्रतिष्ठानों के संपादकों के साथ बैठक में यह सुझाव दिया।
देश के सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातुल्ला अली खुमैनी ने रूहानी की सार्वजनिक रूप से आलोचना की थी। रूहानी ने कहा कि उन्होंने सर्वोच्च नेता खुमैनी को 2004 में उस वक्त जनमत संग्रह की सलाह दिया था। बहरहाल ईरान के परमाणु रूहानी के हवाले से बताया गया कि उस वक्त सर्वोच्च नेता ने जनमत के विचार को मंजूरी दी। लेकिन ऐसा हो नहीं पाया था। इस तरह का मतदान किसी भी समय एक समाधान हो सकता है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बराक ओबामा के ईरान के साथ हुए परमाणु समझौते से अमेरिका को अलग कर लिया था।
अमेरिका ने ईरान पर कई आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए हैं। पिछले एक- डेढ़ महीने से दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। इतना ही नहीं, अमेरिका ने फारस की खाड़ी में अपने युद्ध पोत और बम वर्षक विमान तैनात कर दिए हैं। इराक स्थित अमेरिकी दूतावास पर राकेट दागे गए थे, जिसको लेकर भी अमेरिका और ईरान के बीच तनातनी बढ़ गई थी।
ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता को तैयार। इराक इराक का कहना है कि वह अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव कम करने के लिए मध्यस्थता को तैयार है। इराकी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद हलबुसी ने कहा कि अगर बगदाद से कहा गया। अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता करने को तैयार है। हलबुसी का यह बयान ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद जारिफ की दो दिवसीय इराक यात्रा के दौरान हुई है। इस बीच, ईरानी वित्त मंत्री जारिफ ने इराक के प्रधानमंत्री अदेल अब्देल मेहंदी से मुलाकात हुई। जारिफ का इराक दौरा ऐसे समय हो रहा है जब ईरान और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर है। जारिफ से मुलाकात के दौरान इराकी प्रधानमंत्री मेहंदी ने कहा कि युद्ध किसी समस्य का हल नहीं है। उन्होंने युद्ध के खतरों को लेकर ईरान को आगाह किया है।

Leave a Comment

Your email address will not be published.

You may also like

MERA DDDD DDD DD