Sargosian / Chuckles

खिसकता जनाधार, चिंतित आलाकमान

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भले ही सार्वजनिक सभाओं में आगामी लोकसभा चुनाव और तीन राज्यों में प्रस्तावित विधानसभा चुनावों को लेकर भारी बहुमत पाने का दावा कर रहे हों, जमीनी हकीकत से तो वे भलीभांति वाकिफ हैं। यही कारण है कि मध्य प्रदेश में पार्टी लगभग पचहत्तर प्रतिशत वर्तमान विधायकों के टिकट काटने का मन बना चुकी है। इसी प्रकार राजस्थान में भी केंद्रीय नेतृत्व की रणनीति के अनुसार चुनाव लड़ा जाएगा। पार्टी सूत्रों की मानें तो अमित शाह वसुंधरा राजे के स्थान पर किसी अन्य को सीएम बनाना चाहते थे लेकिन राजे के बगावती तेवरों को भांप उन्होंने अपनी रणनीति बदलने का फैसला किया। वसुंधरा राजे को यदि पार्टी आलाकमान हटाने का प्रयास करता तो वे अपनी अलग पार्टी बनाने की हद तक जा सकती थीं। अब उनके ही नेतृत्व में पार्टी चुनाव मैदान में उतरने जा रही है। लेकिन रणनीति अमित शाह ही बनाएंगे। उत्तर प्रदेश में भी पार्टी के भीतर भारी कलह की खबरों के बीच पिछले दिनों शाह ने 2019 में भारी बहुमत पाने की बात सार्वजनिक मंच से कह तो डाली लेकिन उत्तर प्रदेश भाजपा के प्रभारी ओम माथुर और संगठन मंत्री नरेश बंसल के बीच चल रहा शीतयुद्ध आने वाले समय में पार्टी के लिए बड़ा सिरदर्द बन सकता है। शायद इसी के चलते बंसल और माथुर के स्थान पर नए चेहरे उत्तर प्रदेश में आ सकते हैं।

Leave a Comment

Your email address will not be published.

You may also like