अयोध्या में रामलला के दर्शन करने की चाहत हर किसी की होती है, लेकिन अब तो लोगों को यह भव्य नगरी इस तरह आकर्षित कर रही है कि लोग बड़ी संख्या में यहां बसना चाहते हैं। यहीं वजह से बहरहाल, राम नगरी अयोध्या में हर कोई बसना चाहता है। पिछले साल 9 नवंबर को जब सुप्रीम कोर्ट का फैसला राम मंदिर बनने के पक्ष में आया तो तब से यहां प्रॉपर्टी बूम आ गया। एकाएक जमीन के रेट बढ़ने लगे । फिलहाल की स्थिति को देखें तो अयोध्या में अब तक जमीनों के रेट 4 गुना तक बढ़ गए हैं।
गौरतलब है कि अयोध्या में सबसे बड़ी टाउनशिप न्यू अयोध्या के नाम से 600 एकड़ में बननी प्रस्तावित हुई है। इसी के साथ ही 200 एकड़ में एक सिटी और बनेगी। इसके अलावा यहां एक सेवन स्टार होटल, दो फाइव स्टार होटल, 20 थ्री स्टार होटल तथा 4 स्टार होटल बनने की भी संभावना है। यही नहीं बल्कि आज से 7 साल के भीतर यहां 15 से 30 लाख से ऊपर वाले करीब 5000 फ्लैट बनने की मांग हो सकती है । ऐसे प्रोजेक्ट में करीब 15 डेवलपर ने रुचि दिखाई है।

जानकारी के अनुसार अयोध्या में बाहर के लोग अब घर और प्रॉपर्टी के लिए जमीन तलाश रहे हैं। अयोध्या से सटे तीन गांव सहजनवा , बरेहटा और मांझा में कई प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। यहां शहरों में सर्किल रेट 6000 से लेकर 15000 है । जिनका मार्केट मूल्य 10000 से 25000 प्रति वर्ग मीटर है। इसी तरह गांव में सर्किल रेट 35 सौ से आठ हजार के बीच है। जबकि मार्केट रेट 7000 से 20000 तक वर्ग मीटर है।

