उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन से अमेरिका ने शिखर वार्ता के लिए इनकार कर दिया है। अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने कहा कि कुछ ठोस परिणाम निकलने की वास्तविक संभावना होने पर ही राष्ट्रपति ट्रम्प इसके बारे में सोचेंगे। विदेश मंत्री का बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तर कोरिया ने हाल ही में कई बयानों में कहा है कि वह ट्रम्प के साथ कोई उच्च स्तरीय बैठक नहीं करेगा, क्योंकि इसका इस्तेमाल वह अपनी विदेश नीति की सफलता का बखान करने के लिए करते है, जबकि इससे कोई फायदा नही मिलता।
ठप पड़ी वार्ता के बीच, उत्तर कोरिया ने हाल के महीनों में बार-बार कहा है कि वह ट्रम्प के साथ तब तक उच्च स्तरीय बैठक नहीं करेगा जब तक कि उसे बदले में कोई ठोस नहीं मिलता। ट्रम्प और किम ने 2018 में उच्च स्तरीय परमाणु कूटनीति शुरु करने के बाद से तीन बार मुलाकात की। लेकिन पिछले साल फरवरी में दूसरी शिखर वार्ता के बाद से बातचीत कमजोर पड़ गई जहां अमेरिका ने परमाणु क्षमता कम करने के बदले प्रतिबंधों में बड़ी छूट देने की उत्तर कोरिया की मांग को खारिज कर दिया था।
पोम्पिओ ने जून 2018 ट्रम्प-किम शिखर वार्ता का जिक्र करते हुए कहा, “उत्तर कोरिया ने मिले जुले संकेत दिए, जबकि सच यह है कि राष्ट्रपति तब ही किसी शिखर वार्ता के बारे में सोचेंगे
अगर उन्हें लगेगा कि सिंगापुर में हासिल परिणामों की तरह कोई वास्तविक प्रगति मिल सकती है।”
इस बार अमेरिका में चुनाव काफी ज्यादा रोमांचक होने वाला, ट्रम्प के सामने इस बार डेमोक्रेटिक पार्टी के जो बाइडन है। जो पूरी तरह से ट्रम्प को टक्कर दे रहे है। ट्रम्प के चुनाव प्रचार इस बार थोड़ा कमजोर पड़ता दिख रहा है। क्योंकि जिस तरह से ट्रम्प कोरोना को रोकने और अश्वेत अमेरिकी फ्लॉइड की मौत के बाद ट्रम्प के समर्थकों में कमी आई है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भी ट्रम्प पर उनके भाषणों और व्यवहार को लेकर हमला बोला है।