एक कहावत है ‘न घर के रहे, न घाट के’। यह कहावत कभी बसपा, कभी भाजपा, कभी सपा का दामन थामने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य पर सटीक बैठती है। राजनीति में कब किस नेता का हाल ऐसा हो जाए कुछ नहीं कहा जा सकता है। उन्होंने हाल ही में ये ऐलान किया था कि वो कुशीनगर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे, उनकी बात विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन से चल रही है। लेकिन इस बीच अखिलेश यादव ने कुशीनगर लोकसभा सीट से अजय प्रताप सिंह उर्फ पिंटू सैंथवार को टिकट दे दिया है तो वहीं देवरिया सीट पर पहले ही कांग्रेस ने अखिलेश प्रताप सिंह को अपना उम्मीदवार बना दिया है जो स्वामी के लिए किसी तगड़े झटके से कम नहीं है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि अब स्वामी प्रसाद मौर्य का क्या होगा? असल में कुछ महीने पहले ही स्वामी प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी का दामन छोड़ राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी के नाम से राजनीतिक दल बनाया था। उन्हें उम्मीद थी कि चुनावी सीजन में उनकी पार्टी को साथ लाने के लिए विपक्षी दलों के गठबंधन की ओर से कोई न कोई पहल की जाएगी, लेकिन उनके अरमानों पर पानी फिर गया है। उन्होंने तमाम कोशिश की मगर विपक्षी गठबंधन ने उन्हें भाव नहीं दिया।
स्वामी प्रसाद मौर्य का क्या होगा?

