ऊधमसिंह नगर में पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तार को लेकर सियासी घमासान शुरू हो गया है। पंतनगर के पास स्थित संजय काॅलोनी, मस्जिद काॅलोनी तथा बाल्मिकी बस्ती के 800 घरों को एयरपोर्ट प्राधिकरण और जिला प्रशासन अतिक्रमण घोषित कर उजाड़ने की तैयारी कर रहा है। इससे वहां पिछले 60 साल से रह रहे लोगों में दहशत और आक्रोश का माहौल है। लोगों की मांग है कि उन्हें बेघर करने से पहले विस्थापित किया जाए, वहीं दूसरी तरफ प्रशासन विस्थापन के नाम पर उन्हें कोई आश्वासन नहीं दे रहा है। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस और भाजपा के पूर्व और वर्तमान विधायक में आपस में जंग छिड़ गई है। दोनों एक दूसरे को आरोपित कर रहे हैं। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करने की चेतावनी दे डाली है। यहां तक कि किच्छा के विधायक तिलक राज बेहड ने यह तक कह दिया है कि तीनों काॅलोनी के 800 परिवारों को उजाड़ने के लिए जो बुलडोजर चलेगा वह सबसे पहले उनकी छाती से गुजरेगा, वहीं दूसरी तरफ भाजपा के पूर्व विधायक राजेश शुक्ला लोगों के लिए अपनी सरकार से विस्थापन करने की मांग करते हुए उनके पक्ष में आ गए हैं और वह भी अपना रुख स्पष्ट करते हुए कह रहे हैं कि तीनों काॅलोनी के निवासियों को बचाने के लिए और उनका पुनर्वास करने के लिए वह कोई भी बलिदानी देने को तैयार हैं। इस मुद्दे को लेकर वह जल्द ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मिलेंगे। बहरहाल राजनीतिक दल इसे बड़ा जन मुद्दा बनाते हुए लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। लोगों को आशंका है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा बनभूलपुरा की तरह तनावपूर्ण हो सकता है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद पंतनगर क्षेत्र में माहौल काफी गर्म हो गया है।
पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तार को लेकर लोगों में गहरी नाराजगी और डर दिखाई दे रहा है। तीनों काॅलोनियों में रह रहे लोगों का कहना है कि वे पिछले 50 – 60 सालों से यहां बस गए थे अपने खून-पसीने से मकान बनाए हैं। अब प्रशासन की ओर से बार-बार सर्वे और उनके घरों की नपाई की जा रही है। यही नहीं बल्कि घरों पर जगह-जगह नोटिस लगा दिए गए हैं कि 15 दिनों के अंदर वें यहां से जमीन खाली कर दें वरना उनसे यहां रहने पर जुर्माना वसूला जाएगा। लोगों को फिलहाल यह आशंका बढ़ गई है कि जल्द ही उनके मकान तोड़े जा सकते हैं। प्रशासन की ओर से अतिक्रमण हटाने की बढ़ती चर्चा ने यहां के हजारों परिवारों की रातों की नींद उड़ा दी है। गलियों में बातचीत का मुख्य विषय अब केवल एक ही है ‘कल क्या होगा?’ फिलहाल मस्जिद काॅलोनी, संजय नगर कालोनी और बाल्मिकी बस्ती के लोग अपने घरों के उजाड़ने से पहले विस्थापन की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं।
कांग्रेस के स्थानीय विधायक तिलक राज बेहड़ ने इस मुद्दे पर लोगों का साथ देते हुए मस्जिद काॅलोनी से मशाल जुलूस निकालकर विश्वविद्यालय गेट तक विरोध मार्च किया और वहां धरना दिया। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उनके साथ मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि जब तक प्रभावित लोगों के पुनर्वास की ठोस योजना नहीं बनाई जाती, तब तक किसी को भी उजाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने सरकार पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सरकार आम जनता की समस्याओं को नजरअंदाज कर रही है और केवल लोगों को उजाड़ने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को अतिक्रमणकारी बताकर नोटिस दिए गए हैं, उन्हें हर हाल में संरक्षण दिया जाएगा।
पंतनगर एयरपोर्ट को मोदी सरकार ने ग्रीन फील्ड अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनाने की घोषणा 2020 में की थी। तब से ही एयरपोर्ट के विस्तारिकरण से लेकर उसकी जद्द में आएं भवनों के स्थानांतरित करने को लेकर तैयारियां शुरू हो गई थी लेकिन पिछले कुछ महीनों में भवनों को शिफ्ट करने का तेजी से कार्य चल रहा है, जिसमें भवनों को ध्वस्त किया जा रहा है। प्रशासन द्वारा पिछले कुछ महीनों में जिस तरह से तेजी दिखाई जा रही है उससे ये अनुमान लगाया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 9 नवम्बर 2026 को एयरपोर्ट का भूमिपूजन कर विस्तारीकरण की नींव रखेंगे। इसके विस्तारीकरण के लिए प्रदेश सरकार ने 804 एकड़ भूमि का अधिग्रहण कर लिया है, इसके लिए सरकार ने 188 करोड़ रुपए मुआवजा भी दे दिया है। अधिगृहित की गई भूमि में से 524 एकड़ भूमि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को हस्तांतरित की जा चुकी है। इसमें से 103 एकड़ जमीन को नेशनल हाईवे अथाॅरिटी द्वारा आवंटित किया जा चुका है। इसके बाद एनएचएआई प्रशासन ने सड़क के शिफ्टिंग का कार्य शुरू कर दिया है।
पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के लिए राज्य सरकार ने कई विभागों की जमीन का अधिग्रहण कर लिया है। इसके तहत लोक निर्माण विभाग से 36 एकड़, सिडकुल से 46 एकड़, कृषि विभाग से 59.57 एकड़, पंतनगर विश्वविद्यालय से 591 एकड़, लैंड कैटेगरी 56.40 एकड़ और बीज विकास निगम से 14.74 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया है। अब तक कुल 804 एकड़ जमीन का अधिग्रहण हो चुका है, इसमें से 524 एकड़ भूमि को भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को हस्तांतरित किया जा चुका है। पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के बाद अगर सुविधाओं की बात करें तो पार्किंग, संचार उपकरण, नाइट लैंडिंग, कार्गो, टर्मिनल भवन, बिजनेस लाउंज, चिकित्सा सुविधा, सहायता डेस्क, एटीएम करेंसी एक्सचेंज,वाई फाई, चार्जिंग प्वाइंट, कैफे, इमिग्रेशन,कस्टम, चेक इन, बोर्डिंग, सुरक्षा, किड्स प्ले एरिया और अन्य सुविधाएं यात्रियों के लिए उपलब्ध होंगी।
आनंद वर्धन, मुख्य सचिव उत्तराखण्ड
नितिन सिंह भदौरिया, जिलाधिकारी ऊधमसिंह नगर
अनूप गुप्ता, डीजीएम सिविल पंतनगर एयरपोर्ट
नवीन मिश्रा, परियोजना निदेशक, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरणसंजय काॅलोनी, मस्जिद काॅलोनी और बाल्मीकि बस्ती में विधायक निधि का पैसा लगा हुआ है। उनके लिए सड़क, बिजली, पानी सब सुविधा मुहैया कराई गई है। अगर सरकार को इन्हें उजाड़ना ही था तो फिर उन्हें यह सुविधा क्यों दी गई? पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने इस मामले पर हास्यास्पद बयान दिया है। वह कहते हैं कि एयरपोर्ट को आनंदपुर में लगवाना चाह रहे थे लेकिन विधायक तिलक राज बेहड़ एयरपोर्ट को आनंदपुर से हटकर ले गए। अब ऐसे में कोई पूर्व विधायक राजेश शुक्ला से यह पूछे कि यह कोई राज्य सरकार का
प्रोजेक्ट तो है नहीं। यह प्रोजेक्ट केंद्र सरकार का है तो क्या केंद्र सरकार मेरे कहने पर चल रही है जो उन्होंने एयरपोर्ट आनंदपुर से हटकर यहां लगवा दिया। पहले तो पंतनगर यूनिवर्सिटी ने इन लोगों को अपने यहां काम पर रखा और फिर उनके आवास के लिए यह जमीन बता दी कि यहां पर रहो। जिस पर यह अब रह रहे हैं। अब वही पंतनगर यूनिवर्सिटी इनको अवैध बता रही है। इन काॅलोनी के लोगों को जब तक विस्थापित नहीं किया जाएगा तब तक इन्हें हम उजड़ने नहीं देंगे। अगर बुलडोजर इन्हें उजाड़ने आता है तो सबसे पहले मैं बुलडोजर के सामने खड़ा होऊंगा।
तिलकराज बेहड, विधायक, किच्छा
यहां के लोग सन 1960 से यहां बसे हुए हैं उन्हें यहां रहते 66 साल हो गए हैं। यहां रहने वाले लोग गरीबी हालत में हैं उनका विस्थापन करना जरूरी है। इस सम्बंध में मेरी अधिकारियों से बात चल रही है। मुख्यमंत्री जी से मुलाकात भी करनी है। 20 अप्रैल को उनसे इस सम्बंध में वार्ता का समय निर्धारित हो गया था लेकिन उस दिन उनको पश्चिम बंगाल जाना पड़ गया। इसलिए वार्ता नहीं हो पाई। जल्द ही वार्ता का समय मिल जाएगा। तब उनसे मिलकर समस्या का समाधान तलाश लिया जाएगा। मुझे पूरी उम्मीद है कि हमारी सरकार इनके लिए कोई ना कोई रास्ता जरुर निकालेगी।
राजेश शुक्ला, पूर्व विधायक किच्छा