उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पीएम मोदी और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद सूबे की सियासत में कानाफूसी तेज हो गई है। माना जा रहा है कि योगी आदित्यनाथ अपने मंत्रिमंडल में बड़ा बदलाव कर सकते हैं। कई मंत्रियों की मंत्री परिषद से छुट्टी हो सकती है। वहीं जमीन पर पकड़ रखने वाले नेताओं को योगी मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। इसके जरिए कार्यकर्ताओं को एक बड़ा संदेश देने का प्रयास किया जा सकता है। योगी मंत्रिमंडल में सम्भावित बदलाव को उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारी को लेकर महत्वपूर्ण समझा जा रहा है। यूपी चुनाव 2027 को लेकर पार्टी इसके जरिए अपनी रणनीति को अमलीजामा पहना सकती है। इसमें नए प्रदेश अध्यक्ष का भी ऐलान होगा। ऐसे में वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चैधरी को योगी मंत्रिमंडल में वापस लाया जा सकता है।

राजनीतिक पंडितों का कहना है कि योगी मंत्रिमंडल में बदलाव को लेकर बड़े स्तर पर तैयारियों को पूरा कराया जा रहा है। योगी सरकार के महत्वपूर्ण पद सम्भाल रहे मंत्री जितिन प्रसाद लोकसभा चुनाव में जीते थे। इसके बाद उन्होंने योगी मंत्रिमंडल से इस्तीफा दिया। ऐसे में उनको मिले विभाग अभी भी प्रभार के सहारे चल रहे हैं। इनके अलावा योगी सरकार ने पिछले दिनों में कई मंत्रियों के कार्य और जमीन पर उनके असर की समीक्षा की। इस आधार पर बदलाव की सम्भावना जताई जा रही है। योगी मंत्रिमंडल में बदलाव की सम्भावनाओं के बीच प्रदेश की राजनीति में चर्चा का बाजार गरमाया हुआ है। इन तमाम चर्चाओं के बीच प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। गौरतलब है कि भाजपा के लिए उत्तर प्रदेश हमेशा महत्वपूर्ण रहा है। सबसे अधिक सांसद और विधायक देने वाला राज्य के तौर पर यूपी इस समय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तेज-तर्रार राजनीति के कारण हिन्दुत्व की प्रयोगशाला बना हुआ है। बीजेपी ने 2022 के विधानसभा चुनाव में योगी के नेतृत्व में शानदार प्रदर्शन किया था। हालांकि 2024 के आम चुनाव में बीजेपी को यहां से करारा झटका भी लगा था। इससे योगी की छवि पर काफी बुरा असर पड़ा। अखिलेश पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक (पीडीए) का दम भरने लगे थे लेकिन 9 सीटों पर विधानसभा के उपचुनाव में योगी फिर से मुखर होकर उभरे उन्होंने सपा को पूरी तरह से चित कर दिया। इसके बाद चर्चित मिल्कीपुर विधानसभा के उपचुनाव में भी बीजेपी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अखिलेश के पीडीए की हवा निकाल दी। कुल मिलाकर लोकसभा चुनाव 2024 के बाद यूपी की सियासत में काफी बदलाव आ चुका है। इन बदलावों के बाद अब योगी कैबिनेट में भी बदलाव की चर्चा हो रही है।