बजरंग के साथ रियो पैरालंपिक मेडलिस्ट और हाल ही में भाजपा में शामिल हुई पैरा एथलीट दीपा मलिक के नाम की भी इस खेल रत्न के लिए सिफारिस की गई है।सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत जज मुकंदकम शर्मा की अगुवाई वाली 12 सदस्यीय कमेटी ने कल 16 अगस्त शुक्रवार को लाइफटाइम अचीवमेंट ध्यानचंद अवार्ड के लिए म्यूनिख ओलंपिक में कांस्य जीतने वाली हॉकी टीम के सदस्य मैन्युअल फ्रेडरिक्स, टेबल टेनिस के पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी अरुप बसाक, कॉमनवेल्थ गेम्स के रजत पदक विजेता पहलवान मनोज कुमार, टेनिस खिलाड़ी नितिन कीर्तने और दो बार के ओलंपियन तीरंदाज लालरेमसांगा का नाम आगे बढ़ाया है। खेल मंत्रालय की मुहर लगते ही चयनित नामों की आधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी।
दुनिया के नंबर वन पहलवान बजरंग पुनिया जल्द कुश्ती में राष्ट्रीय चैंपियन रह चुकी
संगीता फोगाट के साथ शादी के बंधन में बंधेंगे। माना जा रहा है कि दोनों वर्ष 2020 में होने वाले टोक्यो ओलंपिक के बाद सात फेरे ले सकते हैं।
संगीता कुश्ती में राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई पदक जीत चुकीं गीता, बबिता और विनेश फोगाट की छोटी बहन हैं। उनसे पहले गीता पहलवान पवन कुमार तो विनेश पहलवान सोमवीर राठी से शादी रचा चुकी हैं। बबिता फोगाट का भी पहलवान विवेक सुहाग से रिश्ता पक्का हो चुका है।
बजरंग और संगीता के परिजनों ने दोनों के रिश्ते को मंजूरी दे दी है। बजरंग इस समय ओलंपिक की तैयारियों में जुटे हैं तो संगीता राष्ट्रीय शिविर में हैं और चोट से उबरने की कोशिशों में लगी हैं।
बजरंग को बीते वर्ष यह अवार्ड नहीं दिए जाने पर जबरदस्त विवाद छिड़ा था। उन्होंने अदालत जाने तक की बात कही थी, लेकिन खेल मंत्री से मुलाकात के बाद वह रुक गए थे। इस बार उनके नाम पर कमेटी को कोई दिक्कत नहीं हुई। महिला पहलवान विनेश पर उन्हें वरीयता दी गई।
विनेश को विश्व चैंपियनशिप में नहीं खेलना महंगा पड़ा। मनिका बत्रा और नीरज चोपड़ा पर तर्क दिया गया कि दोनों को बीते वर्ष अर्जुन अवार्ड दिया जा चुका है। एक प्रदर्शन के लिए दो अवार्ड नहीं दिए जा सकते।
दीपा मलिक को लेकर कमेटी में काफी विरोध भी हुआ। लेकिन उनके अंक सर्वाधिक बन रहे थे, जिसके चलते बजरंग के बाद उनका नाम खेल रत्न के लिए मंत्रालय को बढ़ा दिया गया। शूटर हीना सिद्धू, अंकुर मित्तल, तीरंदाज ज्योति सुरेखा रेस में नहीं आ पाए। अर्जुन और द्रोणाचार्य अवार्ड के लिए आज 17 अगस्त को एक बार फिर कमेटी बैठेगी।
पहले एशियाई खेलों के गोल्ड मेडलिस्ट को फिर भुलाया

