कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भाजपा के खिलाफ महागठबंधन के लिए पूरी कोशिश अवश्य कर रहे हैं लेकिन अभी तक वे आंशिक रूप से ही सफल हो पाए हैं। महाराष्ट्र में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी संग कांग्रेस का गठबंधन लगभग फाइनल हो चुका है। जाहिर है यदि दोनों दल विधानसभा चुनाव साथ मिलकर लड़ते हैं तो राष्ट्रीय स्तर पर भी तालमेल हो जाएगा। संकट उत्तर प्रदेश में है जहां सपा-बसपा ने तो गठबंधन का ऐलान कर डाला है, लेकिन कांग्रेस की स्थिति अधर में है। दरअसल बसपा सुप्रीमो कांग्रेस संग राष्ट्रीय स्तर पर तालमेल पर अड़ी हैं ताकि बसपा को 2019 के आमचुनाव बाद एक बार फिर राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिल जाए। यही कारण है वे राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में सम्मानजनक सीटें कांग्रेस से चाह रही हैं। कांग्रेस महासचिव अशोक गहलोत लेकिन मायावती की इच्छानुसार सीटें देने को तैयार नहीं। मध्य प्रदेश में भी बात बन नहीं पा रही है। राजनीति की चतुर खिलाड़ी मायावती ने कांग्रेस पर दबाव बनाने के लिए हरियाणा में ओम प्रकाश चौटाला की इंडियन नेशनल लोकदल से गठबंधन का ऐलान कर दिया है। इतना ही नहीं उन्होंने अभय चौटाला को राखी बांध स्पष्ट संकेत दे दिए हैं कि वे हरियाणा में कांग्रेस की राह रोकने जा रही हैं। बसपा प्रमुख पूर्व में भाजपा नेता डॉ ़ मुरली मनोहर जोशी और लालजी टंडन को भी राखी बांध चुकी हैं। यह दीगर बात है कि राजनीतिक गठबंधन टूटने के बाद उन्होंने इन दोनों नेताओं को फिर राखी नहीं बांधी।

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